Author avatar
Rashmi Sharma

रश्मि शर्मा शाहीन पब्लिक स्कूल चंडीगढ़ में वाईस प्रिन्सिपल के पद पर कार्यरत हैं ।पंजाबी, हिंदी और उर्दू   में नज़्म ,ग़ज़ल ,गीत लिखती हैं। इन्होंने कुछ आर्टिकल्स भी लिखे जो “चंडीगढ़ डाइजेस्ट” में छपे हैं । हिन्दी और पंजाबी के कुछ साझा संकलन उड़ान, शब्दां दे वंजारे , ग़ज़ल कुंभ 2018, ग़ज़ल कुंभ 2019 में इनकी रचनाएं शामिल हैं ।उनकी किताब “काग़ज़ पर ” (ग़ज़ल संग्रह) my book publication से शाया हुई है। । और दो किताबों पर काम चल रहा है । बहुत ही सीधी साफ़ ज़बान में कही उनकी शायरी आम पाठक के दिल तक बहुत आसानी से पंहुचती है ।

नमूने के तौर पर उनके कुछ शेर देखिए
“मैं बहुत सोचनेलगी हूं ना
यह भी तो सोच ही रही हूं ना”
“उम्र भर जिसको रास्ता ना मिले
उस मुसाफ़िर की बेकली हूं ना”
“मेरा दिल हैअभी बच्चा जो ज़िद में रूठता भी है
है इसको चांद की चाहत लड़कपन है ख़ता भी है”
“साये का पीछा करते करते शाम हुई
शाम ढले ये सूरज भी ढल जाना “
कितना भी पत्थर हो जाओ
कुछ मिट्टी तो बाक़ी होगी
छत पर मैं और चांद सितारे
बात बहुत पहले की है ये
रावण मेरे अंदर हंसता रहता है
दुनिया यूं ही पुतला फुका करती है

 

Books by Rashmi Sharma
Other author