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ISBN: 978-81-94217-66-4

KAGAZ PAR (Bi-lingual Hindi & Urdu)

by: Rashmi Sharma

शाइरी वो ख़ूबसूरत शै है जो ज़ह्न ओ दिल से निकल काग़ज़ पर आती है और काग़ज़ से फिर पढ़ने वाले के जह्न ओ दिल में समा जाती है । कुछ ऐसी ही शाइरी रश्मि शर्मा के क़लम से निकल कर आप के हाथों में हैं । उन की शाइरी ने एक आम हिन्दुस्तानी औरत […]

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रश्मि शर्मा शाहीन पब्लिक स्कूल चंडीगढ़ में वाईस प्रिन्सिपल के पद पर कार्यरत हैं ।पंजाबी, हिंदी और उर्दू   में नज़्म ,ग़ज़ल ,गीत लिखती हैं। इन्होंने कुछ आर्टिकल्स भी लिखे जो "चंडीगढ़ डाइजेस्ट" में छपे हैं । हिन्दी और पंजाबी के कुछ साझा संकलन उड़ान, शब्दां दे वंजारे , ग़ज़ल कुंभ 2018, ग़ज़ल कुंभ 2019 में इनकी रचनाएं शामिल हैं ।उनकी किताब "काग़ज़ पर " (ग़ज़ल संग्रह) my book publication से शाया हुई है। । और दो किताबों पर काम चल रहा है । बहुत ही सीधी साफ़ ज़बान में कही उनकी शायरी आम पाठक के दिल तक बहुत आसानी से पंहुचती है ।
नमूने के तौर पर उनके कुछ शेर देखिए
"मैं बहुत सोचनेलगी हूं ना
यह भी तो सोच ही रही हूं ना"
"उम्र भर जिसको रास्ता ना मिले
उस मुसाफ़िर की बेकली हूं ना"
"मेरा दिल हैअभी बच्चा जो ज़िद में रूठता भी है
है इसको चांद की चाहत लड़कपन है ख़ता भी है"
"साये का पीछा करते करते शाम हुई
शाम ढले ये सूरज भी ढल जाना "
कितना भी पत्थर हो जाओ
कुछ मिट्टी तो बाक़ी होगी
छत पर मैं और चांद सितारे
बात बहुत पहले की है ये
रावण मेरे अंदर हंसता रहता है
दुनिया यूं ही पुतला फुका करती है
 
Books of Rashmi Sharma
About This Book
Overview

शाइरी वो ख़ूबसूरत शै है जो ज़ह्न ओ दिल से निकल काग़ज़ पर आती है और काग़ज़ से फिर पढ़ने वाले के जह्न ओ दिल में समा जाती है । कुछ ऐसी ही शाइरी रश्मि शर्मा के क़लम से निकल कर आप के हाथों में हैं । उन की शाइरी ने एक आम हिन्दुस्तानी औरत की आवाज़ का चेहरा है । शाइरी के बँधे बधाये ढर्रे से अलग मिज़ाज की शाइरी ।

Details

ISBN: 978-81-94217-66-4
Publisher: Mybooks Publication
Publish Date: 2019
Page Count:

“KAGAZ PAR (Bi-lingual Hindi & Urdu)”

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