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ISBN: 9788194217640

Sache Pankh

by: कविता भट्ट

“सच्चे पंख” एक अनोखी यात्रा है उन सपनों से जुड़ने की जो अभी बाल अवस्था में हैं, थोड़े कच्चे है और परिपक्व होने की चाह में ज़िन्दगी के उन सभी मूल्यों को और संस्कारों को अपना के उड़ना चाहते हैं ताकि कहला सके “सच्चे पंख” !!!  

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कविता भट्ट का जन्म रामपुर उत्तरप्रदेश मॆं हुआ। बचपन और पढ़ाई अपने स्कूल के साथियों संग केंद्रीय विद्यालय में की। पैतृक स्थान पिथौरागढ़ –कोटेश्वर (उत्तराखंड)। बचपन मॆं कई बार अपने पैतृक घर गर्मियों की छुट्टियों मॆं जाते थे। वहाँ का कोमल वातावारण दिल के किसी कोने मे क्रीड़ा करता रहता था। वहाँ की पाक सुगंध दिल को हमेशा उमंग से भर देती थी। वो पहाड़, वो झरने, वो शीतल पानी, वो हवा, वो सोने सा चमकता हिमालय सब कुछ स्वर्ग सा प्रतीत होता था। उस समय लगता था कि बस आसमान से बाते करते रहो। घंटों सीढ़ीनुमा खेतों के बीच पेड़ों पर लगे हुए झूलों में खेलते रहते थे और आकाश में उड़ने वाले पंछियों से ढेर सारी बातें करते थे। उनके कलरव सुन कई पंक्तियाँ बनाते हुए उन्हे गुनगुनाते रहते थे। उस वक़्त उन सुरों से मोहित हो छोटी छोटी कवितायेँ लिखने का मन होता था। धीरे धीरे छोटी छोटी कविताओं को संजोना शुरू किया। एक कविता “सत्ता”सन १९९६ में जनसत्ता नामक अख़बार में प्रकाशित हुई। तब परिवार जन और शिक्षकों ने प्रेरणा दी की मुझे लिखना चाहिये। कुछ वर्ष पूर्व रूचि स्वरूप एक कविता लिखी जिसे उनके पुत्र रेयांश ने बहुत चाव से सुना और अपनी तुतली भाषा में उसे दोहराने लगा जिसे सुन मैं मंत्रमुग्ध हो गई और और फिर अपनी पहली काव्य श्रृंखला का नाम "मनमुग्धा - एक सोच" इसी मासूम सोच पर रखा। “मनमुग्धा “ जिसका अर्थ है “मासूम मन“। उस मासूम मन से मुझे प्रेरणा मिली की मैं अपनी काव्य रचना सिर्फ़ अपनी कलम और अपने बीच ना रखूं और इस तरह जनम हुआ मनमुग्धा का। फिर जैसे जैसे रेयांश बड़े होते गए मैंने महसूस किया यह नन्हे और सच्चे पंख बहुत उड़ना चाहते हैं बस उन्हें सही मार्ग दर्शन की जरुरत होती है। ज़िन्दगी की इसी आपा धापी में कई मासूम संवादों का जन्म हुआ जिन्हे मैंने नाम दिया "सच्चे पंख" का। जो उड़ना चाहते हैं पर उन्हें मजबूत होने के लिए अभी कई संघर्षों और ज़िन्दगी की दौड़ में शामिल होना है। पेशे से एक आईटी सलाहकार हूँ। "मनमुग्धा -एक सोच", "Pocket of Smile"उनके दो काव्य संग्रह हैं जो कविता भट्ट के दिल के बहुत करीब हैं। उनका मानना है कि प्रकृति अपने आप में अनोखी काव्य रचना है, जो समस्त काव्य रचनाओं का स्रोत है। कविता भट्ट  प्राचीन इतिहास पढ़ना और मोबाइल एप्लिकेशन बनाना पसंद है। लिखने के आलावा इंटीरियर डिजाइनिंग, प्राचीन इतिहास और बागवानी में भी रूचि है। निम्न काव्य संकलनों में भी अपनी कवितायेँ साझा की हैं – “Shades of Pain in her Eyes”, “Tinkles of Rhymes”, “The Secret Temptation”,“Ashes of Maroon”, “Girls Paradise-2”, “Still somethingis missing -3”, “The Lost Puzzle”, “Kuch ankahe se alfaaz”, ”Soo much in Love”, “Wait Till I tell you”, “Jar of Half Wishes”, “Salad Days” - A Saunter and authored “Mannmugdha - Ek Soch” सच्चे पंख मेरी तीसरी काव्य श्रृंखला है। अपनी प्रतिक्रिया आप भेज सकते हैं –
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About This Book
Overview

सच्चे पंख” एक अनोखी यात्रा है उन सपनों से जुड़ने की जो अभी बाल अवस्था में हैं, थोड़े कच्चे है और परिपक्व होने की चाह में ज़िन्दगी के उन सभी मूल्यों को और संस्कारों को अपना के उड़ना चाहते हैं ताकि कहला सके “सच्चे पंख” !!!

 

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ISBN: 9788194217640
Publisher: Mybooks Publication
Publish Date: 2019
Page Count: 78

“Sache Pankh”

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